Jaya Ekadashi 2024 February: date, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व

Jaya-Ekadashi-2024-February
🙏🌺


Jaya Ekadashi 2024 February: जया एकादशी, हिन्दू पंचांग में एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। इस त्योहार का मतलब है 'विजयी' या 'जीतनेवाला'। जया एकादशी को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से मनुष्य की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

जया एकादशी का व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विष्णु भगवान की पूजा-अर्चना करने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है और उसकी रक्षा में रहने की शक्ति मिलती है। यह व्रत मनुष्य को मानसिक और शारीरिक शक्ति प्रदान करता है और उसे पापों से मुक्ति दिलाता है।

जया एकादशी को मनाने से विवाहित जीवन में सुख और समृद्धि मिलती है और साथ ही पितृदोष से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन किसी भी तरह का अनादर या अधर्म करना अत्यधिक अशुभ माना जाता है।

जया एकादशी के व्रत का आयोजन भगवान श्रीकृष्ण ने किया था। इस एकादशी का व्रत करने से विवाहित जोड़े को धर्म, अर्थ, काम, और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत विवाहित जोड़ों के बीच प्रेम और सम्मान को मजबूत करता है और उन्हें सुख-शांति प्रदान करता है।

जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। इस दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता की पूजा करने से संतान सुख, समृद्धि, और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, इस दिन विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और उनकी आराधना से मनुष्य को आनंद और सुख की प्राप्ति होती है।


जया एकादशी तिथि और शुभ मुहूर्त ✨

पंचांग के अनुसार, जया एकादशी तिथि की शुरुआत 19 फरवरी 2024 को सुबह 8 बजकर 49 मिनट पर होगी और अगले दिन यानी 20 फरवरी को सुबह 9 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। इसलिए उदयातिथि के अनुसार, 20 फरवरी को जया एकादशी का व्रत रखा जाएगा। और पारण करने का शुभ मुहूर्त: 21 फरवरी को सुबह 6 बजकर55 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 11 मिनट तक पारण का शुभ मुहूर्त बन रहा है। 


🙏 जया एकादशी पूजा विधि 🌺


जया एकादशी का व्रत हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण है और इसे विशेष भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन मनाया जाता है। जया एकादशी के दिन विष्णु भगवान की पूजा-अर्चना करने से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है और भक्त के जीवन में सुख-शांति आती है।

जया एकादशी का पूजन विधि इस प्रकार है:

1- पूजन की शुरुआत करने से पहले नित्या कर्मों का निर्वहन करें और स्नान करें।

2- व्रत रखने वाले व्यक्ति को एकादशी के दिन नींदा न आने पाए, इसके लिए उसे पूर्व रात्रि को जागरण करना चाहिए।

3- पूजन के लिए सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें।

4- फिर भगवान विष्णु की मूर्ति या प्रतिमा की सजाकर पूजा करें। भगवान को तुलसी के पत्ते, फूल, अक्षता, दीप, नैवेद्य, और धूप-दीप के साथ अर्चना करें।

5- भगवान विष्णु की आरती गाएं और प्रसाद को बाँटें।

6- इस दिन को उपवास के रूप में बिताएं और एकादशी के दिन नारियल, फल, अचार, और साबुत मूंग खाने की विधि है।

7- इसे जया एकादशी के दिन रात्रि के समय अगले दिन ब्राह्मण को भोजन कराकर व्रत को समाप्त किया जाता है।

जया एकादशी का पूजन विधि का पालन करने से व्यक्ति को धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ मिलता है और उसके जीवन में समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।


FAQ-(सामान्य प्रश्न )  

फरवरी महीने में दूसरी एकादशी कब है?

जया एकादशी करने से क्या होता है?

जया एकादशी का क्या महत्व है?

जया एकादशी के दिन क्या खाना चाहिए?

जया एकादशी का पारण कितने बजे है?

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.